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zindagi. 

zindagi

scripts 1

साथ चलो जो तुमभीतो जी लेंगे हम भी |ज़िन्दगी के बाद मौत तो सबको आनी हैपर साथ तुम्हारे जी कर मौत की ख़ुशी मनानी है |                                                              -मोहित

saath chalo jo tu..

poems sher-o-shayari 0

क्या हुआ जो अगर तुम मेरी न हुईआँखों से कुछ अश्क से बह गए ,कभी हम तुम्हारे थे अब बस एक शख्स से रह गए,वो लम्हे जो हम संजोया करते थे ,अब हर वक़्त हम बेवक़्त से रह गए,तुम वही आस हो जो पूरी न हुई,क्या हुआ जो अगर तुम मेरी न हुईनज़रें क्यों चुराती हो,मझे देखो तो सही,रूठ के ही कमसे कम चीज़ें फेको तो सही,कल जो हुआ करते थे हम,आज और अब भी हैं वही ,पर ये न जाने थे कभी ,की तुम समझोगी नहीं,क्या हुआ जो अगर तुम मेरी न हुई iप्यार से मझे जब भी तुम देखा करती थी,इक पल में हर लम्हा जी लिया करता था,हर पल ये धड़कन बढ़ती थी,कुछ माँगा नहीं तुमसे कभी ,फिर भी कुछ उमीदें रहती थी,जो चल रही थी तेज़ वो सांसें अब थम गयी,क्या हुआ जो अगर तुम मेरी न हुईकाश वो दिन भी आ जाता,जब फिरसे मैं तुम्हारे करीब आ पाता,तुम्हारी आँखों में देखता ,और कुछ पल के लिए रुक जाता,आज भी कितना प्यार है तुमसे,काश तुमको ये समझा पाता,पर तुम वो दुआ हो ,जो कभी पूरी न हुई ,वो अर्ज़ी हो ,जिसकी कभी मंज़ूरी न हुई,वो खूबसूरत कहानी हो,जो अधूरी ही रह गयी ,क्या हुआ जो अगर तुम मेरी न हुई

kya hua jo agar t..

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उन दिनों प्यार करने कोऔर कुछ था भी नहींतुम्हारे सिवाय,न सिरफिरा मौसम थान बादलों की झुकी लट थींन  नदियों के घुमाव थेन बर्फ से ढकी पहाड़ियां थीं,सच कहूँ तो कुछ दिखता ही नहीं था।इन दिनों कहने कोऔर कुछ है भी नहींएक ईश्वर है वह भी अकेला है।

pyaar karne ko

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दूल्हा बन के ,सज धज के, घोड़ी चढ़ के,आया..... लेने दुल्हनियाघूँघट में सज धज के, बन ठन के , बैठी....... मेरी दुल्हनिया(२)सुनो सुनो पापाजी तुम, सुनो सुनो दादाजी तुम, बातें कहता हु में बिलकुल पक्की(पक्की)दिल लिया, दिल दिया, प्यार का इज़हार किया, हुई है महोब्बत सच्ची(सच्ची)पहली पहली बार किया, आखों का दीदार किया, हुआ ऐसा नैन मटक्का,(टक्का)नींद भी उड़ाई मेरी ,चैन भी चुराया मेरा, दे दिया प्यार से ज़ोर का झटका.(झटका)अपनी अदाओं से , तीखी इन निगाहों से, करती है सबको दीवाना(जाना)चैन भी हुआ गुम है, होश भी हुआ गुम है, कर दिया खुद से बेगाना(जाना)ऐसे ही सताती है, मेरी दुल्हनिया,बड़ा तड़पाती है मेरी दुल्हनियाख्वाबों में जो आती है, नींदें जो उड़ाती है,खुद  चैन से सोती है ,मेरी दुल्हनियाला ला ला ला। ......इशारो ही इशारो में जो तुम कह जाती हो, समझो न हमको बच्चे(वच्चे)उड़ते परिंदो के पर गिन लेते हैं,खिलाडी नहीं हम भी कच्चे (कच्चे)प्यार गर करती हो, मुझ पे जो मरती हो ,रखना तुम सेज सजा के( जा के )आएंगे बाराती हम, लेने तुझे साथी हम, बैंड और बाजा बजा के(जा के)इश्क़ अगर है जो सच्चा अपना, दुनिया की परवाह न कर(न कर)रस्मो को तोड़ दूंगा, कास्मो को तोड़ दूंगा, एक बार बस तू हाँ कर (हाँ कर)बड़ी शर्मीली है, मेरी दुल्हनिया, थोड़ी नखरीली है मेरी दुल्हनियाबेरंग सी इस दुनिया में,प्यार की चाहत में, खुशियों के रंग भर्ती, मेरी दुल्हनियाला ला ला ला। ......

meri dulhaniya

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पल-पल बीत रहा था जैसे, वो खुशी से झूम रहे थेमगर  अंहकार  की  शूली  पर दो दिल झूल रहे थे 

dil ki aawaz

poems sher-o-shayari 1

रेत पर खींची होगी लकीरें बहुतों नेहम तो दिलों पर नाम लिखते हैअंजाम होता हमारे भी आगाज-ए-इश्क कामगर हम भी उसूलों के कबूतर पाले रखते है 

usool

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सुना है,आसपास तुम्हारेकुछ पतंगे फड़फड़ा रहे हैआग को फूल समझ केअपना दिल बहला रहे है 

yaaden

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मन से कितनी धूल उड़ीवे कहते यह राजनीति हैकोहरा जैसा जहां लगा हैवे कहते यह कूटनीति है।भूमि जहां-जहां बंजर हैवे कहते हैं सब सरकारी हैनारे जो जो उनके हैंवे कहते हैं  पावन हैं।मन से बहुत धूल उड़ीवे कहते हैं राह साफ हैआसमान में धुंध लगी हैवे कहते हैं घन घिरे हैं ।**महेश रौतेला

maan se kitani dh..

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इजहार-ए-मोहब्बत ना की,ओर दिल की बात दिल में ही दबा गए ।वो हमारी नज़रों के सामने किसी ओर केहो गए ,ओर एक हम थे जो उनकी ख़ुशी देखकरअपना दर्द भी भुला गए ।

ijhar e mohabbat ..

poems sher-o-shayari 0

एक बार ही सही नज़रें तो मिलायी  होती ,दिल में तस्वीर थी हमारी ये बात तो बताई होती ।तेरे लिए तो सारे जहा से लड़ लेते हम ,दिल की बात दिल में ही रखी जुबां पर तो लायी होती ।

ankahi batein

poems sher-o-shayari 1

जो तुम आ जाते एक बारतो बात कुछ और होतीस्नेह जता जाते एक बारतो बात कुछ और होतीक्यूं छोड़ गए 'गर्दिश' मेंजब मैं था,तेरी बंदिश मेंमन तेरा बदल गया थाया कोई शामिल था,साजिश मेंकाश, कुछ शर्म हयातेरी आंखों में भी होतीजो तुम आ जाते एक बारतो बात कुछ और होती

jo tum thehar jaate

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story of a 25 years old boy ,who is doing job in an it company,one day there is  notification of writing competition which is happen in his office and his friend ask him to take participate in this because he already saw his diary where his writings are there.after back from office he came to his home and go for sleep,suddenly he wake up and go for drink water  behind in mirror his reflection his waiting after then he shock to see in mirror and after console reflection his past came  infront of him and what conversation is happening  and is refection did his work or not or why his past is coming .

reflection

short stories 0

  love ki shariay.  

shariay

poems sher-o-shayari 0

ok 

shayari

poems sher-o-shayari 0

bheed hai jahan ki ,ghutan haiaur bas shor haikitno ke dil tanha hain yahandhadkane jinki sunta na koi aur hai.....najuk dor risto ki jo logo ko karib kabhi late theab to aalam hai aisa usi ka sahara lekelog bas aage nikal jaaten hain......khte hain jise apni aankho ka taaraapni khwahisho ke pure hone ke liyeusi taare ke tutne ka intjar karte hain.....nafrt hi nafrt hai jidhar v najar jayekoi sarhad pe mar raha desh ke liyeto koi bas khud ke liye jeena chahe........

bheed ye jahan ki

poems sher-o-shayari 0

we feel the happiness , do feel the sorrow next..sometime we talk to ourself , and sometime say it by text,unpredictable this journey is, we never know what’s the next..thinking the past worrying the futurewe always forget the present context..we cry we laugh, we crawl we walkthat’s how the journey what we call as “life- the unrest”……… 

life the unrest

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सफर ये ज़िंदगी काजहां मुशाफिर हैं कईज़िये तो सब जा रहेमगर कोई भी खुश क्यूँ नही ........😑गरीब की झोली तंग है परेशानियां हर पल उसके संग है ,मजदूर को रोजगार की तालाश है और ज़िसकी तालाश पूरी हो जाये ,मजदूरी कितनी मिलेगी फिर ये एक सवाल है ......😒ज़िसके पास काम है उसे बडा नाम चाहियेऔर ज़िसे है नाम मिल गया, उसे और भी बडा काम चाहिये .....💁जो पैदल है चल रहा उसे गाड़ी के लिये पैसे चाहियेऔर गाड़ी ज़िसके पास उसे पैसे के लिये सवारी चाहिये .....किसी के लिये दो गज ज़मीन भी आजमाइश हैतो किसी को ज़मीन नही भाती उसे बस हवा मे ऊडने की ख्वाइश है ......😌कोई जीने की जदोजहत मे जाने क्या क्या कर ज़ाता हैऔर कोई मायूस होके खुदखुशी का रास्ता अपनाता है .......😥कोई सरकार बनाना चाहता है , तो दुसरा बस उसे गिराना चाहता है ....मंत्री को राज्य मे अपनी सरकार बनाना है ,और ज़िसकी सरकार है उसे हर राज्य मे अपना कमल खिलाना है .....😜कोई चल रहा तो कोई भाग रहा ,यहां कोई भी स्थिर तो नहीज़िये तो सब ज़ा रहेमगर कोई भी खुश क्यूँ नही ?.......😑

koi khus kyun nahi

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