Follow Us
  • SIGN UP
  • tumbhi microsites
tumbhi microsites

writingTum devi nahi

तुम दुर्गा नही
काली नही
लक्ष्मी नही
तुम बस इंसान हो
देवी नही
तुम्हारा देवी होना
उस फूल जैसा है
जो किसी पत्थर के पैरों पर
चढ़ने के लिए डाल से तोड़ लिया जाता है
और उस गाय जैसा
जो चुनावी मौसम में
इरादतन महान बना दी जाती है
तुम्हारे लिए कभी नही
होता है तुम्हारा देवी होना
ये वो चमकीले दाने है
जिन्हें चुनने की सजा में कोई चिड़िया
ताउम्र जेल पाती है
परिवार की इज़्ज़त का मुकुट
सलीकेदार , शालीन होने की
तारीफे सब तुम्हारे पिंजरे के
के तार है।
अपने आप से तोड़कर
तुम भुला दिए जाओगे
उस फूल की तरह
तुम्हारा बेमकसद सड़ जाना
कोई नही देखेगा
तुम देवी मत बनना
तुम कुछ भी बन जाना
कोई कलंक
कोई दाग
कोई दुख कोई रोड़ा
कोई आग
कोई रंग
कोई गीत कोई धुन
या बस कोई सूखा पत्ता
जो हिम्मत करे हवा से भिड़ जाने की

Women in india are compared to goddess, but the truth behind it is...

Report Abuse

Please login to report abuse.
Click on the Report Abuse button if you find this item offensive or humiliating. The item will be deleted/blocked once approved by the admin.

Writing by

amit verma

Likes

0

Views

3

Comments

0

View More from me

You May Also Like

GO