Follow Us
  • SIGN UP
  • tumbhi microsites
tumbhi microsites

writingNishana mera chooka hai magar door tak jayega

एक ना एक दिन तो ये राज़ भी खुल जायेगा
दिल की आह सुनकर ये दिल पिघल जायेगा।

ख़ुदा को ढूँढ़ने वाले, इतना तो ख़ुद पे यक़ीन रख
ख़ुदा को ढूँढ़ते-ढूँढ़ते तू ख़ुद से मिल जायेगा।

ज़िन्दगी की शाम का, सूरज जब ढलने लगेगा
लौटकर हर एक परिन्दा अपने घर पर जायेगा।

जीतने की आदत, हर एक ज़ुनूनी की है यही आदत
हर बार जो गिरेगा उठेगा और फिर संभल जायेगा।

वक़्त की बिसात पे, कौन चलेगा अगली चाल
वक़्त आने पर तुम्हें सब पता चल जायेगा।

आग लगाकर तमाशा देखने वालों, अब ज़रा ये भी सुन लो
आग से जो खेलेगा वो ख़ुद भी जल जायेगा।

इतना भी ना इतराओ, अपनी नज़रों पे तुम
निशाना मेरा चूका है मगर दूर तक जायेगा।।

ख़ुदा को ढूँढ़ने वाले, इतना तो ख़ुद पे यक़ीन रख ख़ुदा को ढूँढ़ते-ढूँढ़ते तू ख़ुद से मिल जायेगा...Philosophy of Life...

Report Abuse

Please login to report abuse.
Click on the Report Abuse button if you find this item offensive or humiliating. The item will be deleted/blocked once approved by the admin.

Writing by

RockShayar

Likes

0

Views

6

Comments

0

View More from me

You May Also Like

GO