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writingGuftagu

एक लम्बी गुफ्तगू करनी है,
  एक जिन्दगी लेकर आइयेगा।

कुछ भीगे पन्ने, सूखी स्याही है,
  आहिस्ते से दिल की किताब में हाथ फिराइयेगा।

सँभले हुये कदम, लड़खड़ाते अल्फाज है,
   इन दिल की धड़कनों को दिल से सुनाइयेगा।

सूखे फूल, उनकी महक हमेंशा साथ है,
    यादों की टोकरी, अपनी मुहब्बत से महकाइयेगा।


एक लम्बी गुफ्तगू करनी है,
   एक जिन्दगी लेकर आइयेगा।

जज्बातों से भरी, आँखों में नमी है,
   जरा सँभलकर इन अहसासों को बताइयेगा।

लब सिल गये, खामोशी का शोर है,
   हौले से दिल के इस बोझ को उठाइयेगा।

वक्त बहुत कम, ख्वाहिशें बहुत हैं,
   कभी पूरे दिल से इस दिल का साथ निभाइयेगा।

a poetry to show a deep conversation.

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