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writingBas ye tanhayian

आसमाँ में कहाँ अब ये नमी ही रही
कारोबाँ की कहीं न जमीं ही रही
रह गईं हैं तो
बस ये तन्हाईंयाँ...
बस ये तन्हाईंयाँ...
बस ये तन्हाईंयाँ...

 

मुझे किस्मतों मे हैं मिली
मेरी लकीरों मे भी लिखी
बस ये तन्हाईंयाँ...
बस ये तन्हाईंयाँ ...
बस ये तन्हाईंयाँ...

 

इक चिराग सा मैं जल रहा था कहीं
इन अँधेरों मे
इक राग सा में बन रहा था कहीं
इन सुबहेरों मे

ढल गई वो सुबह
छा गया ये अँधेरा

 

फिर मुझको न मिलीं मेरी ही परछाईयाँ
ओ... मैं ढूँढता था क्या और मिल गईं,
बस ये तन्हाईंयाँ...
बस ये तन्हाईंयाँ...
बस ये तन्हाईयाँ...

 

जिन्दगी मे कहाँ अब वो हँसी ही रही
मुस्कुराने मे कहीं न खुशी ही रही
रह गईं हैं तो
बस ये तन्हाईंयाँ...
बस ये तन्हाईंयाँ...
बस ये तन्हाईंयाँ...

 

याद अब न रहीं मुझे साँसे मेरी
याद ये भी नही कि चलती नही
धडकने अब मेरी
याद आतीं है तो बस
      तेरीं अँगडाईंयाँ
हो...तेरी अँगडाईंयाँ

 

मुझे किस्मतों मे हैं मिली
मेरी लकीरों मे भी लिखी
बस ये तन्हाईंयाँ...
बस ये तन्हाईंयाँ ...
बस ये तन्हाईंयाँ...


               -------          Mpmrohit

Jisne uss ek cheej ko kho Diya Jo usske liye subkuch thi....Bus bahi feeling h.

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Writing by

rohitkurmi

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