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writingAb Udd Chalo

अब उड़ चलो.........

तोड़ दो ये बेड़ियाँ , मजबूरियाँ ,

फैलाओ अपने पंख और अब उड़ चलो.

 

कुछ रोक सकता है नहीं जब ठान लो,

ना कोई रिश्ता, ना कोई  बंधन

देख लो अपना हुनर, ढून्ढ लो अपना करम

चीरते हुए हवाएं अब  उड़ चलो.

 

ख्वाब टूट सकता नहीं गर सोच लो,

ना कोई हलचल, ना उथल पुथल,                  

अरमानो को उबलने दो, ख्वाहिशे बहकने दो,

बुलंदियों को नाप लो अब उड़ चलो.

 

रास्ता मुश्किल नहीं गर चल पड़ो,

ना कोई हमसफ़र, ना रहगुज़र

दूरियों से ना डरो, बेफिक्रियों को साथ  लो,

रफ़्तार अपनी तेज़ कर बस उड़  चलो

 

मंज़िले दुष्कर नहीं जब प्रण करो,

ना रुकावटें, ना रंजिशे

उम्मीदों को बटोर लो, हौसले संभाल लो,

लक्ष्य अपना साध लो और उड़ चलो       

 

कुछ भी पा सकते हो गर तुम चाह लो,

ना कोई हदें, ना सरहदें

इक्छाओं को प्रबल करो, तमन्नाएं साथ लो,

फांद लो दीवार को और उड़ चलो

 

मत डरो, मत सहो, सामर्थ अपना जान लो,

उठा लो पहला कदम बस बढ़ चलो,

तोड़ दो ये बेड़ियाँ , मजबूरियाँ ,

फैलाओ अपने पंख और अब उड़ चलो.

                                           - DevB निशब्द        

An Inspirational poem appealing people to let go the constraints, unleash their potential and Explore the heights - Just FLY

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Writing by

Devanshu Bhatt

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