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writingAaj padhate phadhatr

कल कहानी पढ़ते-पढ़ते सो गया था,
आरम्भ लड़के से हुई थी
लड़का खेल रहा था, नहीं
पढ़ रहा था,नहीं
घूम रहा था,नहीं
खेतों में था, हाँ
वन में था, हाँ
मजदूरी कर रहा था, हाँ
गरीबी से लड़ रहा था, हाँ
मुस्कुरा रहा था,हाँ
लेकिन अभी गरीबी रेखा से नीचे था।
फिर कहानी का एक किनारा मुझसे लिपटा था
दूसरा तुमने थाम रखा था,
जोर से बारिश हो रही थी
धरती ,बारिश को निगल रही थी
शेष नदियों को महान बना रही थी
या कहूँ पवित्रता दे रही थी,
फूल चारों ओर खिले हुए थे
पगडण्डियां घर तक पहुंच रही थीं,
कहानी के इस भाग में
प्यार होता है सदियों पुराना
प्यार का संदर्भ आते ही
मेरी आँखें खुल जाती हैं,
पीछे से कोई कहता है
अच्छी खबर है
कि प्यार अभी मरा नहीं है
वह देश के लिए आगे आता है
लोगों को जीवन देता है और
पीता-पिलाता है।

Kal kahani padhate padhte so gaya tha

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Writing by

MaheshRautela

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