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जिन्दा हु मै हर इक सांस भारी है

साँस लेने की कोशिशे बदस्तूर जारी है 

जाने कब तलक चलेगा कारोबार सांसों का सट्टा बाज़ार में बोली जारी है

जो मौत जीती तो में हारा, जो जिंदगी तो में ही हारा

अजीब सा एक खेल जारी है

कल फिर सहर होगी इस शब के बाद, कल भी तो ऐसा ही हुआ था

शब सहर , सहर शब दुनियादारी है

आना जाना जाना आना जारी है

आज वोह सो ही गया, पिछली चोदह रातों से जागा था मै जीसके साथ

चाँद को नींद आ ही गयी

नींद को मेरी आँखों से कोई गिला भारी है 

रोज़ रोज़ एहसान जताना अच्छी बात नहीं 

मगर ये सच है, जिंदगी मेरी तुजसे वफादारी है 

कैसे भी हो जीये जाना जारी है

जिन्दा हु मै , जिन्दा हु मै, जिन्दा हु मै

 

JInda hu mein

Lyrics 1

बस इक तुम्हारी कमी है
बाकी सब पूरा है
ड्रेसिंग टेबल के शीशे पे लगी बिंदिया तुम्हारी
टेबल के दराज़ में रखी चुडिया तुम्हारी
बिस्तर के एक कोने में दबी घर की चाबिया तुम्हारी
तकिये पर रखा मोगरे का गजरा जिसमे बाकी है बस खुशबू तुम्हारी
सब कुछ तो है पर कुछ अच्छा नहीं लगता
मुजको अब ये घर अपना नहीं लगता
बैठक में रखी आराम कुर्सी पर आराम नहीं मिलता
बरामदे में लगा जुला अब कोई नहीं जुलता
तुमने अपने हाथो से जो लगाया था वो गुलाब अब नहीं खिलता
सब कुछ तो है पर कुछ अच्छा नहीं लगता
मुजको अब ये घर अपना नहीं लगता
ईट पत्थर की दीवारें है छत है पर घर अधुरा है
बस इक तुम्हारी कमी है बाकी सब पूरा है


 

bas ek kami hai..

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